स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए राज्य सरकार योग्यता के आधार पर युवाओं और प्रोफेशनल को न्यूनतम 50 हजार रुपए से लेकर अधिकतम 10 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद देती है। इस योजना के लिए नोडल एजेंसी वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग हैं। इसका उद्देश्य प्रदेश में आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना है।
शर्त
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो
- योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को मप्र का मूल निवासी और कम से कम 8वीं तक पढ़ा-लिखा होना जरूरी है।
- 18 से 45 वर्ष तक के लोग ही इस योनजा में आवेदन कर सकते हैं।
दिव्यांग को 30% तक सब्सिडी का भी प्रावधान
इस योजना में सामान्य वर्ग के आवेदक को 15%, एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यक, महिलाएं, भूतपूर्व सैनिक, शारीरिक रूप से दिव्यांग आवेदक को 30% तक सब्सिडी का भी प्रावधान है। स्वरोजगार योजना में कर्ज के लिए प्रोजेक्ट कॉस्ट की 20% मार्जिन मनी आवेदक को खुद देनी होगी। लोन की गारंटी सरकार देती है। इसे 7 साल के भीतर चुकाया जा सकता है।
जरूरी दस्तावेज
प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मप्र का मूल निवासी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, जाति प्रमाण पत्र, तीन साल का आईटीआर विवरण।
यहां करें आवेदन
मध्य प्रदेश सरकार के एमएसएमई पोर्टल https://www.mpmsme.gov.in/website/login?timeout पर जाकर ऑनलाइन आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। यह आवेदन विभाग की चयन समिति को दें।