छात्रों के बढ़ते तनाव पर सरकार सख्त
भोपाल म.प्र के उच्च शिक्षा विभाग ने छात्र आत्महत्याओं को रोकने और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी शासकीय व निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के परिसरों में अब अनिवार्य रूप से मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने होंगे। विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने एक सप्ताह पहले वल्लभ भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक करके स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके बाद कॉलेजों में काम शुरू हो गया है। अब सभी संस्थानों की दीवारों पर टेली मानस (14416) और उमंग (14425) के साथ आपतकालीन नंबर 252 112 प्रमुखता से लिखा जा रहा है। उद्देश्य यह है कि तनाव या संकट के समय विद्यार्थियों को तुरंत मदद मिल सके। इसके साथ ही प्रत्येक संस्थान में एक ‘विशेष सेल’ और प्रोफेशनल काउंसलर की नियुक्ति भी अनिवार्य की गई है।
संस्थानों के लिए नए कड़े नियम अब सभी विवि और कॉलेजों में आपातकालीन चिकित्सा के लिए आवासीय परिसरों में 24+7 चिकित्सा सुविधा या एक किमी के दायरे में अस्पताल से अनुबंध किया जा रहा है। रैगिंग निरोधक और आंतरिक शिकायत समितियों को और अपडेट व सक्रिय किया जा रहा है।