मध्य प्रदेश से 58 हजार बच्चे गायब, मानव तस्करी और वैश्यावृत्ति का शिकार बन रहे

एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 4 से 5 साल में इंदौर सहित प्रदेशभर में 58 हजार बच्चे गायब हुए हैं, जिसका खुलासा विधानसभा में प्रस्तुत रिपोर्ट से हुआ। बताया गया कि 47 हजार लड़कियां और 11 हजार लडक़े पिछले पांच सालों की अवधि में गायब हुए हैं।
इसमें इंदौर के शहरी क्षेत्र से 2702 और ग्रामीण थाना क्षेत्रों से 858 बच्चों के गायब होने, जिसमें ज्यादातर बच्चियां शामिल थी, की रिपोर्ट दर्ज हुई है। धार, जबलपुर, भोपाल, सागर जिलों से भी बड़ी संख्या में इसी तरह ये मासूम बच्चे गायब हुए। इनमें ज्यादातर बच्चों के माता-पिता गरीब परिवारों के हैं, जो अवैध कॉलोनियों-बस्तियों और डेरों में रहते हैं। बच्चों के लापता होने की जो घटनाएं सामने आती हैं उनमें मानव तस्करी के मामले अधिक रहते हैं।
चूंकि लड़कियों की संख्या अधिक है, जिसके चलते वैश्यावृत्ति सहित अन्य अवैध कार्यों के लिए इन मासूम लड़कियों को बेच दिया जाता है। इंदौर में ही बाणगंगा, लसुडिय़ा, चंदननगर, द्वारकापुरी जैसे शहरी थानों के अलावा किशनगंज, बेटमा, मानपुर, सिमरौल, महू के ग्रामीण थाना क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज हुई हैं। अपने बच्चों से बातचीत करें, उन्हें समय दें। जागरूक रहें और यह मैसेज हर ग्रुप में शेयर करें।

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