शहर में शराब पीकर वाहन चलान वालों में स्कूल, कॉलेजों और कोचिंगों के ड्राइवर भी पकड़ा रहे हैं। इसी सप्ताह कई बड़े एजुकेशन ब्रांड्स के ड्राइवर नशे में बच्चों को ले जाते हुए पकड़ाए। यहां पर हमें सोचना होगा कि इस एजुकेशन संस्थानों का मैनेजमेंट कर क्या रहा है। लगातार बड़े हादसे हो रहे हैं और इतनी लापरवाही बिना किसी डर के जारी है। यहां पर पैरेंट्स की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह भी लगातार बच्चों को ले जा रहे ड्राइवरों से बात करें।
प्रेस्टीज कॉलेज के तीन ड्राइवर नशे में मिले
ट्रैफिक पुलिस के चेकिंग अभियान के दौरान प्रेस्टीज कॉलेज के तीन बस ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई की गई। ये तीनों ड्राइवर शराब के नशे में बस चला रहे थे। पुलिस के अनुसार, लसूड़िया इलाके में सत्य साईं चौराहा के पास चेकिंग के दौरान, प्रेस्टीज यूनिवर्सिटी की तीन पीली बसें तेज गति और लापरवाही से आती दिखीं। इन बसों में ‘मंथन’ प्रोग्राम से घर लौट रहे छात्र एवं छात्राएं बैठे हुए थे। जब ड्राइवरों को रोककर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई, तो तीनों नशे की हालत में पाए गए।
एलेन कोचिंग के छात्रों को लेकर भागा नशेड़ी ड्राइवर
एक अन्य भयावह घटना में, पुलिस ने एलेन कोचिंग के बच्चों को ले जा रहे एक नशेड़ी ड्राइवर को पकड़ा। जब ड्राइवर ने पुलिस चेकिंग देखी, तो वह गाड़ी भगाने लगा। उस समय बस में 11 छात्र बैठे हुए थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बस का पीछा किया और उसे तुरंत पकड़ लिया।
बिना फिटनेस दौड़ रही थी कॉलेज बस
ट्रैफिक पुलिस की एक अन्य कार्रवाई में स्टार चौराहे पर अल फारुकी यूनानी मेडिकल कॉलेज की एक एसी बस को पकड़ा गया। जांच में पाया गया कि बस बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के ही सड़क पर दौड़ रही थी। पुलिस ने बस पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
विद्यासागर स्कूल की बस भी पकड़ाई
विद्यासागर स्कूल की बस को परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने पर पकड़ा गया। उसे 5 हजार रुपए जुर्माना लगाकर छोड़ा गया।
स्कूलों के वैन चालक भी पकड़ा रहे
चंद्रगुप्त मौर्य चौराहे पर स्कूल वैनों को पकड़ा। वह ट्रैफिक रजिस्ट्रेशन की शर्तों का उल्लंघन करके अवैध रूप से स्कूल के बच्चों के परिवहन का कार्य कर रहे थे। इन्हें भी 5 हजार रुपए जुर्माना लगाकर छोड़ा।