नि:शुल्क उपचार और स्वास्थ्य अभियान के जरिए इंदौर बना क्लब फुट मुक्त जिला

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इंदौर ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। जिले को क्लब फुट मुक्त जिला घोषित किया गया है। 31 मार्च 2025 तक 2 वर्ष से 18 वर्ष तक के क्लब फुट से पीड़ित बच्चों की सर्जरी पूर्ण कराने के बाद यह उपलब्धि हासिल की गई। इस घोषणा के बाद इंदौर को राज्य स्तर पर विशेष सराहना प्राप्त हुई।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण गांव-गांव में आंगनवाड़ी केंद्रों और शासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत क्लब फुट से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उनका संपूर्ण उपचार कराया गया, जिससे इंदौर को क्लब फुट मुक्त जिला घोषित किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय इंदौर के परिसर स्थित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) में प्रत्येक मंगलवार को क्लब फुट से ग्रसित बच्चों के लिए निःशुल्क ओपीडी का आयोजन किया जाता है। यहां पोंसेटी पद्धति से बच्चों का उपचार किया जाता है, जिससे अनेक बच्चों के जीवन में सुधार आया है। यह सतत प्रयास इंदौर को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अग्रणी बनाए हुए है।

क्या होता है क्लब फुट
क्लब फुट (Clubfoot) एक जन्मजात स्थिति है जिसमें बच्चे का एक या दोनों पैर जन्म के समय अंदर और नीचे की ओर मुड़े होते हैं। यह एक आम जन्म दोष है जो पैर की हड्डियों, मांसपेशियों और टेंडन को प्रभावित करता है, जिससे चलना मुश्किल हो जाता है। अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकता है, इसलिए इसका शुरुआती इलाज बहुत महत्वपूर्ण है।

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