नागरिकों को सफाई, सड़क और सीवर जैसी सुविधाएं मिलना उनका अधिका
नगर निगम द्वारा हर वर्ष नागरिकों से प्रॉपर्टी टैक्स, पानी टैक्स, कचरा शुल्क और अन्य प्रकार के शुल्क वसूले जाते हैं। इन शुल्कों का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। खासतौर पर कचरा उठाने के लिए जो शुल्क लिया जाता है, वह यूजर चार्ज कहलाता है। इसका अर्थ है कि निगम को इस शुल्क के बदले सेवा देना अनिवार्य है। यदि किसी क्षेत्र में कचरा नहीं उठाया जा रहा या सड़क, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सेवाएं नहीं मिल रही हैं, तो नागरिक अदालत तक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कहां करें शिकायत?
यदि कचरा समय पर नहीं उठ रहा या सफाई का कार्य नियमित नहीं हो रहा है, तो नागरिक इंदौर नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर 07312535555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा उपलब्ध है। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित जोन कार्यालय को भेजा जाता है ताकि समय पर समाधान किया जा सके।
लिखित आवेदन और सीएम हेल्पलाइन से भी कर सकते हैं शिकायत
यदि किसी नागरिक को ऑनलाइन या फोन से समाधान नहीं मिलता है, तो वह अपने जोन कार्यालय में लिखित आवेदन दे सकता है। आवेदन की रिसीविंग लेना जरूरी है, जिसमें शिकायत नंबर और तारीख स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए। इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल कर या वेबसाइट के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। इस प्रक्रिया से शिकायत का ट्रैक रिकॉर्ड तैयार रहता है और समाधान की स्थिति की निगरानी आसान हो जाती है।
समाधान की समयसीमा तय
नगर निगम ने हर प्रकार की शिकायतों के लिए निश्चित समयसीमा तय की है। कचरा उठाने या सफाई से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे में होना चाहिए। वहीं सीवर, सड़क या लाइट की समस्या का समाधान 72 घंटे में और पानी की सप्लाई या लीकेज से जुड़ी शिकायतों का निपटारा 5 दिनों में किया जाना अनिवार्य है। यदि तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं होती, तो संबंधित अधिकारी पर *मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2010 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
जागरूक नागरिक, समृद्ध समाज, मज़बूत देश
शहर की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों की जागरूकता सबसे अहम है। जब लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग रहते हैं और जिम्मेदारी से शिकायत दर्ज कराते हैं, तब ही शासन-प्रशासन की जवाबदेही तय होती है और समाज अधिक व्यवस्थित बनता है।