इंदौर में आज से घर-घर शुरू होगा सर्वे, 9 दिसंबर को वोटर लिस्ट का प्रकाशन

इंदौर सहित प्रदेश और देश के नौ राज्यों, तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का सर्वे मंगलवार से शुरू होगा। इंदौर में तीन दिन से अलग-अलग स्तर पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इसमें उन्हें बताया गया कि वोटर से कैसे संपर्क करना है, मैपिंग कैसे करना है और मतदाता न मिले तो क्या करना है, किस तरह ईआरओ को रिपोर्ट देनी है। अपर कलेक्टर व नोडल अधिकारी पंवार नवजीवन विजय ने बताया कि मंगलवार से अलग-अलग स्तर पर सर्वे शुरू हो जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा। एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची पारदर्शी रूप से तैयार की जाएगी। पूरी प्रक्रिया में यह सुनिश्चित होगा कि पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से छूटे नहीं और अपात्र का नाम जुड़े नहीं।

सर्वे में यह करना होगा
प्रत्येक मतदाता को SIR के लिए निर्धारित फॉर्म उनके निवास पर बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
इसमें मतदाता की जानकारी एवं पूर्व SIR-2003 में मतदाता से संबंधित लिंकिंग की जानकारी ली जाएगी।
यह जानकारी दी प्रति में तैयार कर एक प्रति मतदाता को सुरक्षित रखने के लिए जाएगी। ऐसे मतदाता जो पहली बार में बीएलओ को नहीं मिलेंगे, उनके लिए बीएलओ तीन बार उनके घर जाकर फॉर्म भरने की कार्रवाई करेंगे।
तीन बार में भी नहीं मिलने पर ASDR (अनुपस्थित, शिफ्ट, मृत, दोहरी प्रविष्टि) की सूची तैयार कर ईआरओ को पेश करेंगे।
इसके बाद ऐसे नामों को नियमानुसार काटने की कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मतदाता जिनका लिंक 2003 से नहीं मिलेगा, उनके संबंध में नोटिस देकर आगे कार्रवाई होगी।

2004 से एसआईआर नहीं हुआ है, 21 साल में शहर में बहुत कुछ बदल गया
सूत्रों का कहना है कि एसआईआर के बहाने मतदाता सूची सही हो जाएगी। हालांकि इसे सही करने में अमले को परेशानी भी कम नहीं आएगी। अब तक अलग-अलग चुनावों में अलग-अलग क्षेत्रवार सूची बनती थी। कांग्रेस सहित कई प्रतिनिधि अपनी आपत्तियां जता चुके हैं। मौके पर बीएलओ को सही नाम, पता देखना होगा। 2004 से एसआईआर नहीं हुआ है। 21 साल में बहुत कुछ बदला है। शहर में सड़क चौड़ीकरण में कई लोग शिफ्ट हुए तो कोविड के दौरान भी मध्य क्षेत्र से लोग राऊ, क्षेत्र क्रमांक 5 और सांवेर विधानसभा क्षेत्र में शिफ्ट हुए हैं। 21 साल में 600 अवैध कॉलोनियां बनी तो एक हजार से ज्यादा वैध नई कॉलोनियां, टाउनशिप भी बनी हैं। फिर एक-एक मतदाता के पास बीएलओ को नहीं मिलने पर तीन बार जाना होगा।

2011 में 32.76 लाख थी जिले की आबादी, शहरी क्षेत्र में 19.64 लाख
2011 में इंदौर जिले की कुल जनसंख्या 32.76 लाख थी। इसमें शहरी क्षेत्र में 19.64 लाख और आसपास के निकायों को मिलाकर 21.67 लाख थी। ग्रामीण जनसंख्या इसमें शामिल नहीं है।
जिले में 32.76 लाख में से 16.99 लाख पुरुष और 15.77 लाख महिलाएं थीं।
2001 में इंदौर की जनसंख्या 24.65 लाख थी। 12.89 लाख पुरुष, 11.76 लाख महिलाएं थीं।
जनसंख्या घनत्व के आंकड़े देखें तो 2001 में प्रति वर्ग किमी 633 का रेशो था, जो 2011 में बढ़कर 841 प्रति वर्ग किमी हो गया था।
2011 में 0 से 6 साल के बच्चों की संख्या 4.21 लाख थी। 15 साल हो चुके हैं यानी जो बच्चा तब 3 साल का था, वह अब वोट देने के लिए पात्र हो चुका है।

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